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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में दरà¥à¤¦ कà¥à¤¯à¤¾ है? इसके कारण, लकà¥à¤·à¤£
कहते हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हà¤à¤¸à¥€ में à¤à¤• माठको पà¥à¤°à¤•ृति की सà¥à¤‚दरता दिखाई देती है। लेकिन जब माठका नवजात शिशॠरोता है तब यही माठउसका रोना बंद करने के लिठहर संà¤à¤µ उपाय व पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करती है। अगर इसके बाद à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ लगातार लंबे समय तक रोता रहे तो इसे पेट दरà¥à¤¦ या उदरशूल होना माना जा सकता है। ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उदरशूल कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है और इसके किस पà¥à¤°à¤•ार दूर किया जा सकता है, इन सवालों के जवाब जननम आपको देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं।
1) जानिठ: बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उदरशूल के कारण और इसके घरेलू उपचार
बोलना शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले छोटे बचà¥à¤šà¥‡ अपनी खà¥à¤¶à¥€ और तकलीफ को हà¤à¤¸à¥€ और रोने के माधà¥à¤¯à¤® ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं। कोई à¤à¥€ माठतब परेशान हो जाती है जब उसका ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠबिना रोके लगातार रूप से रोता रहता है। à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ तब होता है जब बचà¥à¤šà¤¾ उदरशूल या पेट के दरà¥à¤¦ से परेशान होता है।
नवजात शिशॠके पेट में उदरशूल की जांच आप निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर कर सकतीं हैं:
बचà¥à¤šà¥‡ का हर समय गà¥à¤®à¤¸à¥à¤® रहना और दोपहर बाद या शाम के समय अधिक और अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रूप से रोते रहना;
रोते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ का चेहरा लाल हो जाना;
रोते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ का अपनी टाà¤à¤—े पेट की ओर ले जाना और धनà¥à¤· के आकार में करते हà¥à¤ मोड़ लेना
सामानà¥à¤¯ रूप से नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में दरà¥à¤¦ या उदरशूल का कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ या जà¥à¤žà¤¾à¤¤ कारण नहीं होता है। फिर à¤à¥€ निमà¥à¤¨ कारणों को उदरशूल होने का जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° माना जा सकता है:
नवजात शिशॠको दूध की असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ (दूध हजम न होना)
किसी पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का होना
पाचन तंतà¥à¤° का विकसित होना
शिशॠको उदरशूल होने पर पारंपरिक घरेलू उपचार अधिकतर कारगर सिदà¥à¤§ होते हैं, निमà¥à¤¨ उपायों को आप à¤à¥€ आज़मा कर देख सकतीं हैं:
हींग का लेप:
नवजात शिशॠकी नाà¤à¤¿-कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² जब पूरी तरह हट जाती है तब यदि वह पेट दरà¥à¤¦ से रो रहा है तब हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® करके हींग का लेप किया जा सकता है। इसके लिठà¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सहने लायक गरà¥à¤® पानी में पीसी हà¥à¤ˆ हींग को घोलकर उसका लेप लगाया जा सकता है। इससे अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ में आराम आ जाता है।
अकसर परिवार की बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— महिलाà¤à¤‚ नवजात शिशॠके पेट दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ सरसों के तेल की नाà¤à¤¿ में मालिश à¤à¥€ करती हैं।
अगर à¤à¤• छोटे रà¥à¤®à¤¾à¤² में थोड़ी सी अजवायन की पोटली बना कर उसे सहने लायक गरà¥à¤® कर लें और उससे पेट की सिकाई करके पेट दरà¥à¤¦ से रोते बचà¥à¤šà¥‡ को हà¤à¤¸à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है।
नवजात बचà¥à¤šà¥‡ के पेट दरà¥à¤¦ को दूर करने के साथ ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठको अजवायन और सौंफ का पानी à¤à¥€ पीने को दें। यह पानी नवपà¥à¤°à¤¸à¥‚ता की पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को ठीक रखती है और नवजात को पेट दरà¥à¤¦ की शिकायत होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है।
उदरशूल की तकलीफ से होने वाला नà¥à¤•सान केवल इतना है की इससे बचà¥à¤šà¤¾ इतना रोता है कि उसके माता-पिता के आà¤à¤¸à¥‚ à¤à¥€ आ सकते हैं। इसलिठजब à¤à¥€ आपको लगे कि आपका ननà¥à¤¹à¤¾ चिराग पेट में दरà¥à¤¦ के कारण रो रहा है तो ऊपर लिखे उपायों के साथ ही आप निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ जारी रखें:
रोते बचà¥à¤šà¥‡ को कंधे से लगाकर उसे डकार दिलवाने की कोशिश करें;
अगर संà¤à¤µ हो तब उसे अपनी गोद में उलटा लिटाकर हलà¥à¤•े हाथ से पीठको थपथपाà¤à¤;
रोते बचà¥à¤šà¥‡ को हà¤à¤¸à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठअगर आपको जोकर जैसी शकà¥à¤²à¥‡à¤‚ और आवाजें निकालनी पड़ें, तो तà¥à¤°à¤‚त करें। बिना फीस दिये किठजाने वाला यह शरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ इलाज है।
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